अर्थशास्त्र कैरियर का बेहतर विकल्प

भारत विश्व में तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से है। इसी कारण यहां अर्थशास्त्र में कैरियर की अपार संभावनाएं है। यदि आपको अर्थशास्त्र में रुचि है, कैरियर के रूप में यह आपके समक्ष एक बेहतर विकल्प हो सकता है। इसके लिए आपको अर्थशास्त्र में स्नातक, परास्नातक या पीएचडी करनी होगी। अर्थशास्त्र में उत्पादन, उपभोग, विनिमय, वितरण और लोकवित्त जैसे पांच क्षेत्र होते हैं।

अर्थशास्त्र में उज्वल करियर बनाने के लिए किसी भी विद्यार्थी से यह अपेक्षा की जाती है कि वह सामान्य गणित और सामान्य सांख्यिकी से भली-भांति परिचित हो। अर्थशास्त्र में स्नातमक और परास्नातक स्तर पर कई ऐसे विषय पढ़ाए जाते हैं, जो छात्रों को अलग-अलग करियर की दिशाओं में ले जाते हैं। इनमें लोक अर्थशास्त्र, कृषि अर्थशास्त्र, वित्तीय अर्थशास्त्र, बैंकिंग अर्थशास्त्र जैसे विषय प्रमुख रूप से आते हैं।
प्रत्येक यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र का पाठ्यक्रम भिन्न-भिन्न होता है, अमूमन अधिकतर विश्वविद्यालयों में इसमें अर्थशास्त्र का परिचय, मैक्रोइकनॉमिक्स, माइक्रोइकनॉमिक्स, गणित, साख्यिंकी जैसे विषय पढ़ाये जाते हैं, इसके अलावा डेटा साइंस भी इसमें शामिल हो सकती है।

स्नातक स्तर पर अर्थशास्त्र  कौन से विद्यार्थी ले सकते हैं?
किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से किसी भी स्ट्रीम (आटर््स/साइंस/काॅमर्स) से 12वीं करना वाला विद्यार्थी स्तनातक स्तर पर अर्थशास्त्र की पढाई कर सकता। हालांकि कुछ विद्यालयों में 12वीं में गणित पढ़ने वाले विद्यार्थी को वरीयता दी जाती है।

स्नातक स्तर पर अर्थशास्त्र से संबंधित कुछ नामचीन काॅलेज 
वैसे तो देश में अधिकतर निजी एवं सरकारी विश्वविद्यालय में स्नातक में अर्थशास्त्र पढ़ाया जाता है। इस क्षेत्र से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण काॅलेज दिल्ली विश्वविद्यालय से संबंधित हैं, जिनमे ंसे प्रमुख है- हिंदू कॉलेज, सेंट स्टीफंस कॉलेज, लेडी श्रीराम कॉलेज, श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स इसके अतिरिक्त कोलकाता विश्वविद्यालय का प्रेजिडेंसी कॉलेज और पुणे का फग्यूर्सन कॉलेज भी को भी उत्कृष्ट काॅलेजों की श्रेणी में रखा जाता है। 

नौकरी के अवसर
अर्थशास्त्र में स्नातक के उपरांत बैंकिंग, बीमा, वित्त, शेयर बाजार के अलावा सार्वजनिक तथा निजी क्षेत्र के संस्थानों में रोजगार तलाश जा सकते है। इसके अलावा अर्थशास्त्र के जानकारी रखने वाला व्यक्ति समाचार पत्र एवं आर्थिक पत्रिकाओं एवं न्यूज चैनल में आर्थिक विश्लेषक के रूप में भी कार्य कर सकता है।   
सरकार या केंद्रीय बैंक के साथ-साथ विद्यार्थी इंडियन इकनॉमिक सर्विस (आईईसी) की परीक्षा भी दे सकते हैं। अंतर्राष्ट्रीय संस्थान जैसे विश्व बैंक, आईएमएफ में भी अर्थशास्त्री के रूप कैरियर बनाया जा सकता है। परंतु इसके लिए पीएचडी की मांग अधिक होती है। 
अर्थशास्त्र में स्नातक करने के बाद एक्चूरियल साइंस या रिस्क मैनेजमेंट फिल्ड में जुड़ा जा सकता है। इसके अतिरक्त डेटा एनालिसिस है, जिसे बिजनेस एनालिटिक्स या डेटा साइंस या बिग डेटा एनालिटिक्स के रूप में भी जाना जाता है, में भी बेहतर करियर है। इस क्षेत्र में अर्थशास्त्र की इसलिए मांग है कि डेटा का प्रमुख आधार सांख्यिकी होती है, सांख्यिकी अर्थशास्त्र में एक विषय के रूप में पढ़ाया जाता है, इसलिए इन क्षेत्रों में अर्थशास्त्र से जुड़े लोगों की मांग रहती है। 

कितना कमा सकते हैं
यदि किसी विद्यार्थी ने अच्छे काॅलेज से स्नातक किया है, तो वर्ततमान में 6 से 8 लाख तक वार्षिक पैकेज आॅफर किए जा रहे हैं। यदि किसी विद्यार्थी ने देश या विदेश के बेहतर संस्थान से पोस्ट ग्रैजुएशन की डिग्री ली है तो उसे कम से कम 10 से 20 लाख रुपये का वार्षिक तक का पैकेज ऑफर हो जाता है।


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