अनमोल सूक्ति-15

जीत सदैव सुखद होती है, चाहे वह अकस्मात मिले या परिश्रम द्वारा
-अरिइस्टो
एकाग्रता शक्ति का चश्मा है।
-एमरसन
अपने विचारों के बंदी न बने।
-शेक्सपियर



मुझे बताएं आप क्या खाते है। मैं बताऊँगा आप क्या है?
-ब्रिलेंट
पेट पांवो को चलाता है।
-क्रारवेंट
हमारे जीवन के दो या तीन मार्ग क्योंहो? हजारों क्यों न हो?
-एमरसन
नवयुवकों की सुंदरता उनकी शक्ति में है और वृद्ध सफेद वालों में
-अज्ञात
जो तर्क नहीं कर सकता वह दास है।
-लौंगफैला
कठोर किंतु हित की बात कहने वाले बहुत कम है।
-वल्मीकि
खमोश रहो, या ऐसी बात कहो जो खमोशी से अच्छी।
-पाइथागोरस
कोमल शब्द कठोर हृदय पर भी विजय पा लेते हैं।
-अज्ञात
खिताब मनुष्यों की सोभा नहीं बढ़ाते अपितु खिताबो की शोभ मनुष्यों से है।
-मैकियाबेली
गुणीं जनों में जिसकी गणना नहीं की जाती उस पुत्रा से माता वंध्या अच्छी है।
-हितोपदेश
गुणों जनों से सम्पर्क से छोटे भी गौरव पाते हैं। पुष्पमाला के साथ होने से तिनका भी सिर पर धारण किया जाता है।
-क्षेमेंद्र
चापसूसी मीठा जहर है।
-अज्ञात
उस खुशी से बच तो मुझे कल काटे।
-हर्बर्ट
चापलूस व्यक्ति इसलिए आपीक चापलूसी करता है कि वह आपको नालायक समझता है। लेकिन आप उसके मुँह सेअपनी प्रशंसा सुनकर फूले नहीं समाते।
-टालस्टाय
खुशमिजाजी स्वास्थ्य है उदासीनता बीमारी।
-हैलिवर्टन
गुणों से ही मानव होता है, अच्छे सिंहासन पर बैठने से नहीं, प्रसाद के उचचे शिखर पर बैठने से भी कोआ गरुड़ नहीं हो सकता।
-चाणक्य


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