सफलता एवं समय-प्रबंध

सफलता एवं समय-प्रबंध के बीच गहरा रिश्ता है। समय-प्रबंध एवं विधा से, जिसके माध्यम से आप कम-से-कम समय अधिक से अधिक उपयोगी कार्य का निष्पादन कर सकते हैं। आपके पास उपलब्ध समय का यथासंभव उपयुक्त प्रयोग करना चाहिए। हाथ से निकला पैसा और बीता हुआ समय कभी भी लौट कर नहीं आता। समय बीत जाने के पश्चात तो एक पछतावा रही रह जाता है, काश मैं उस समय का सदुपयोग कर लेता तो मैं कहीं और होता। जीवन में प्रत्येक क्षण या घड़ी महत्त्वपूर्ण होता है। सफलता के लिए आपके प्रत्येक क्षण एवं घड़ी का कारगर उपयोग करना चाहिए। समय प्रबंधन के लिए आवश्यक है आप अपने एवं अन्य व्यक्ति के समय के मूल्य को समझना सीखें।

 समय प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में प्रकृति के लिए अद्भुत निधि है और आपको सफलता के लिए इसके महत्व को अवश्य समझना चाहिए। कुछ विद्यार्थी परीक्षा के उपयोगी दिनों में अपने समय को बे-वजह के कामों या फिल्म देखने में बर्बाद कर देते है जिसके परिणामस्वरूप उनका परीक्षा परिणाम आशा-अनुकूल नहीं रहता। इसके विपरीत वे विद्यार्थी उस समय का सदुपयोग करते तो उनके परिणाम उनके अनुकूल होते। समय प्रबंधन के लिए आवश्यक है कि आप उपलब्ध समय में एक निर्धारित कार्य को पूरा करने का प्रयास करें। किन्हीं कारणवश कार्य निर्धारित समय में पूरा नहीं हो पाता है तो इसके लिए कुछ अतिरिक्त समय की व्यवस्था कर लें। यहां आपका कार्य के प्रति निष्ठावान होना आवश्यक है। उदाहरण के रूप में यदि आप विद्यार्थी है तो आपने लक्ष्य रखा फलां चेप्टर एक सप्ताह में पूरा कर लेंगे परंतु किसी कारण वश आप ऐसा नहीं कर पाए तो इस स्थिति में और कुछ दिन की व्यवस्था करनी होगी। परंतु कुछ और दिन में आपको पूरी निष्ठा के साथ अपने कार्य के प्रति समर्पित रहना है। ऐसा नहीं कि चलो चैप्टर दो दिन में पूरा नहीं हुआ तो अगले दो दिन में पूरा कर लेंगे। ऐसा करने से आपका समय प्रबंध गड़बड़ा सकता है। आने वाले दिन आपको अन्य विषय के लिए देने थे पर जब आप पहला ही चेष्टर पूरा नहीं कर पाए तो अन्य चैप्टर्स के लिए समय कहाँ से लाएंगे। स्थिति में समय व्यवस्थित करना आपके लिए कठिन हो जाएगा। आप सेलेबस को पूरा नहीं कर पाएंगे। सेलेबस पूरा न होने पर आप परीक्षा में बेहतर परिणाम प्राप्त नहीं होगा। कार्य को कभी भी कल पर मत टालो। समय महत्ता को ध्यान में रखकर ही कार्य करो। 

समय के महत्व को समझो। समय से बहुमूल्य इस दुनिया में कुछ भी नहीं। समय न तो खरीदा ही जा सकता है, न ही इसे पुनः प्राप्त किया जा सकता। आपको हर क्षण कुछ न कुछ करने का प्रयास करना है। कभी खाली मत बैठो। खाली बैठने से मस्तिष्क में गलत विचार उत्पन्न होते हैं। जिसे पथ भ्रष्ट होने की संभावना रहती है। खाली समय शैतान का घर होता है। हर समय कुछ न कुछ उत्पादक ;च्तवकनबजपअमद्ध कार्य करते रहने का प्रयास करें, जिससे बुद्धि रचनात्मक एवं क्रियाशील बनती हैं और उसमें रचनात्मक एवं सकारात्मक विचार आते हैं। अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित करो। व्यायाम, मनोरंजन, परिवार एवं कार्य के लिए समय का प्रबंध करो। ऐसा नहीं कि सूरज चढ़ने पर भी बिस्तर पर पड़े रहो। सोने और जागने का समय निश्चित न होने पर दिनचर्या अस्त-व्यस्त हो जाती है। शरीर आलस्य से भर जाता है जिससे कार्यक्षमता प्रभावित होती है। इसे विपरीत म्ंतसल जव इमक ंदक मंतसल जव तपेमए उांम ं उंद ीमंसजीलए ूमंसजील ंदक ूपेमश् वाली कहावत को चरितार्थ करने से शरीर में चुस्ती आती है। कार्यक्षमता बढ़ती है। कम समय में अधिक कार्य का निष्पादन करते है जिससे सफलता मिलती है।
अक्सर लोगों से यह सुनने में आता है मेरे पास समय की बहुत कमी है। इस स्थिति में उनके पास समय की कभी नहीं उनकी सोच में कमी होती हैं। आप सोच लें कि मुझे फलां कार्य के लिए समय निकालना है तो आप अवश्यक ही उसके लिए समय निकाल पाएंगे। अपने समय का उपयुक्त ईमानदारी से प्रबंधन करें। बे वहज गप्पबाजी की आदत को छोड़ें। फिर देखें आपके पास समय की समय होगा। दिनचर्या को व्यवस्थित करके परिणामों को आंके। सोने में मात्र 6-7 घंटे का समय ही बिताए। बे बजह न सोए। वे-बजह सोने वाले समय का उपयोग नहीं कर पाते। जिस समय को आप अनावश्यक रूप से नींद पर व्यय करते हो उसे उत्पादक कार्य ;च्तवकनबजपअम ूवताद्ध में लगाएं फिर परिणाम देखें। इसी प्रकार बे वजह गप्पे हांकने वाले समय को भी उत्पादक या रचनात्मक कार्य में लगाएं फिर देखें इच्छित परिणाम प्राप्त होते है या नहीं।
प्रत्येक दिन के लिए एक्शन प्लान बना लें। दिन में किए जाने वाले सभी कार्यों को एक डायरी में लिखकर रखें। कार्यों को उसकी प्राथमिकता के अनुसार व्यवस्थित कर लें। सर्वाधिक महत्वपूर्ण कार्य को सर्वप्रथम करें। सभी कार्यों को एक निर्धारित समयावधि में निष्पादित करने का प्रयास करें। दिन के लिए निर्धारित सभी कार्यो का निष्पादन उसी दिन ही करें। किसी भी कार्य को कल पर न टाले। एक पुरानी कहावत है ‘कल कभी नहीं आता’ इसलिए आज का कार्य आज की करें कल के लिए कोई कार्य न छोड़े। आज का कार्य कल पर टालने से कल पर कार्य का दबाव बढ़ेगा। इस प्रकार का दबाव से आपकी कार्यक्षमता एवं उत्पादकता प्रभावित होगी। दिन के लिए मात्र एक्शन प्लान बनाने मात्र से ही आप सफल नहीं हो सकते अपितु इसके लिए आपको गंभीरता के साथ उस पर अमल भी करना होता हैं।
दिन के एक्शन प्लान की ही तरह सप्ताह एवं महीने के लिए भी एक्शन प्लान बनाया जा सकता है। सप्ताह के एक्शन प्लान में महत्व के अनुसार कार्यों का वर्गीकरण करें उन्हें समय पर निष्पादित करने का हर संभव प्रयास किया जाए। इस प्रकार के एक्शन प्लान आपकी कार्यक्षमता में वृद्धि करने में सहायक होंगे। एक्शन प्लान के प्रयोग से निर्धारित समय में इच्छित परिणाम प्राप्त कर सकते हैं, जो आपकी सफलता का मार्ग प्रशस्त करने में सहायक बनेंगे।
अपने एक्शन प्लान को लिखकर उस पर अमल करने का प्रयास करें। मात्र मस्तिष्क में सोचने से ही कार्य पूर्ण नहीं हो जाते। अपने एक्शन प्लान को लिखकर नियमित रूप से जांचे कि आपने कितने कार्यों का निष्पादन किया, कितनों का निष्पादन नहीं और नहीं किया तो क्यों नहीं किया? अपनी जांच को निष्पक्ष रखें। आप स्वयं ही अपने निरीक्षक बने। पूरी ईमानदारी के साथ अपने कार्य का आंकलन करते रहें। कार्य थोडा़ कठिन तो अवश्य है पर असंभव नहीं। हममें से अधिकतर सफलता तो प्राप्त करना चाहते हैं पर उसके लिए प्रयास करना नहीं चाहते। विद्यार्थी परीक्षा में अच्छे अंक तो चाहते हैं, अंक प्राप्त करने के लिए प्रयास नहीं करना चाहते है। यदि स्वयं द्वारा बनाये गये एक्शन प्लान पर ईमानदारी के साथ अमल किया जाए तो बेहतर परिणाम अवश्य ही मिलेंगे।
आप एक समय में एक की कार्य करें। कुछ व्यक्तियों की आदत होती है वे एक ही समय में कई कार्य एक साथ करके अपनी कार्यकुशलता दिखाने का प्रयास करते हैं। सफलता की दृष्टि से यह ठीक रणनीति नहीं होगी। एक समय में एक ही कार्य पूरी तन्मयता तथा एकाग्रता के साथ करें। एक समय में एक कार्य करने से आप समूचित ध्यान उसी कार्य में लगाएंगे। जिससे आप संपूर्ण कार्यक्षमता का प्रयोग करके बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। एक साथ दो कार्य करने की चेष्टा में आपकी एकाग्रता भंग होगी। आपका ध्यान दोनों तरफ बटेगा। आपकी कार्यक्षमता प्रभावित होगी। आप इच्छित परिणाम नहीं प्राप्त कर पाएगे। एक पुरानी कहावत है भी हैµ‘आधी छोड़़ पूरी को ध्याये, आधी मिले न पूरी पाए’। इस कहावत पर अमल करते हुए एक समय में एक ही कार्य करें।

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